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Updated: 02 September 2026 | Hindi News Portal
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20 साल छुपने के बाद भी पुलिस के हाथ से नहीं बच पाया ‘पापलेट’!

इंद्र यादव/मुंबई। भांडुप पुलिस ने एक ऐसा कारनामा कर दिखाया है कि सुनकर लगता है—अरे भई, 20 साल तक छुपकर रहने वाला आरोपी भी आखिरकार पुलिस की नजर में आ ही गया! रविंद्र उर्फ पापलेट एकनाथ विचारे नाम का यह शख्स पिछले दो दशक से फरार था।

आज का मुद्दा डिजिटल डेस्क | Updated: 25 Aug 2026, 09:27 PM | Views: 0 | 2 मिनट पढ़ें
20 साल छुपने के बाद भी पुलिस के हाथ से नहीं बच पाया ‘पापलेट’!

इस रिपोर्ट में क्या खास है?

  • खबर को स्थानीय पाठकों के संदर्भ में सरल भाषा में समझाया गया है।
  • जहां उपलब्ध हो, आधिकारिक जानकारी, प्रत्यक्ष बयान और जमीन से मिली जानकारी को आधार बनाया जाता है।
  • नई जानकारी आने पर रिपोर्ट को अपडेट किया जाता है और तारीख ऊपर दी जाती है।

इंद्र यादव/मुंबई। 

भांडुप पुलिस ने एक ऐसा कारनामा कर दिखाया है कि सुनकर लगता है—अरे भई, 20 साल तक छुपकर रहने वाला आरोपी भी आखिरकार पुलिस की नजर में आ ही गया! रविंद्र उर्फ पापलेट एकनाथ विचारे नाम का यह शख्स पिछले दो दशक से फरार था। नाम बदला, पता बदला, शहर बदला… लेकिन पुलिस ने कहा—बेटा, अब काफी हो गया छुपन-छुपाई का खेल!

पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ भांडुप थाने में तीन गंभीर मामले दर्ज हैं—हत्या, हत्या का प्रयास और डकैती। मुंबई की अदालत ने उसे तीनों मामलों में फरार घोषित कर स्थायी गिरफ्तारी वारंट भी जारी कर रखा था। मतलब अदालत ने साफ कह दिया था कि “इसको जहां मिले, पकड़ लो।” लेकिन पापलेट साहब ने सोचा होगा—अरे, 20 साल में तो पुलिस वाले भी रिटायर हो जाएंगे, मैं आराम से घूमता रहूंगा।” लेकिन भांडुप पुलिस की अपराध प्रकटीकरण टीम ने उनका हिसाब-किताब बिगाड़ दिया।


जांच के दौरान पुलिस के पास कोई ठोस सुराग नहीं था। आरोपी ने अपनी पहचान इतनी अच्छी तरह बदली थी कि लगता था जैसे कोई जासूसी फिल्म का हीरो बनने की कोशिश कर रहा हो। तभी पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि वह अलग-अलग जगहों पर नाम-पता बदलकर रह रहा है। पुलिस ने उसके दूर के रिश्तेदारों से पूछताछ की और तकनीकी जांच शुरू की। नतीजा! सातारा जिले के नागठाणे क्षेत्र में आरोपी का ठिकाना मिल गया।सूचना की पुष्टि होते ही पुलिस टीम ने तुरंत वहां पहुंचकर आरोपी को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में आरोपी ने संबंधित अपराधों में अपनी संलिप्तता भी स्वीकार कर ली। इसके बाद उसे भांडुप पुलिस थाने में दर्ज अपराध क्रमांक 632/1990 के मामले में अदालत के सामने पेश किया गया। अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक आरोपी की उम्र 51 साल है और वह सातारा जिले के नागठाणे का ही रहने वाला है। करीब दो दशक तक फरार रहने के बावजूद गुप्त सूचना और तकनीकी जांच के दम पर पकड़ा जाना भांडुप पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में हुई।अब सवाल यह है कि 20 साल तक छुपने वाला आरोपी आखिर क्यों पकड़ा गया! जवाब सीधा है—

पुलिस की मेहनत और आधुनिक जांच पद्धति के आगे पुराने जमाने की छुपन-छुपाई भी ज्यादा दिन नहीं टिक पाती। पापलेट साहब को अब समझ आ गया होगा कि नाम बदलने से काम नहीं चलता, पुलिस का काम तो पकड़ना ही है!

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Author: आज का मुद्दा डिजिटल डेस्क

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